छतीसगढिय़ा क्रांतिसेना और JCP प्रमुख अमित बघेल की जमानत याचिका HC ने की खारिज

बिलासपुर। बलौदाबाजार आगजनी कांड मामले में गिरफ्तार छतीसगढिय़ा क्रांतिसेना और जोहर छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से झटका लगा है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे अमित की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक बलौदा बाजार कोतवाली पुलिस ने अमित बघेल को आगजनी और हिंसा से जुड़े अलग-अलग मामलों में विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने पहले निचली अदालत में जमानत की मांग की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने पर हाईकोर्ट का रुख किया। अब हाईकोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी है।
दरअसल, यह पूरा मामला बलौदा बाजार हिंसा कांड से जुड़ा है। 15 और 16 मई 2024 की रात गिरौधपुरी धाम में सतनामी समाज के पूज्य जैतखाम में तोडफ़ोड़ की घटना हुई थी। इस घटना के विरोध में 10 जून को हजारों लोग बलौदा बाजार कलेक्ट्रेट के पास एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हो गई और उपद्रवियों ने कलेक्टर व एसपी कार्यालय में आग लगा दी थी। इस आगजनी में सरकारी संपत्तियों को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा था। इसी मामले में पुलिस ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की थी।
याचिका में अन्य आरोपियों को मिली जमानत का हवाला देते हुए समानता के आधार पर राहत देने की मांग की गई थी। हालांकि मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अमित बघेल को राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि मामले में अन्य आरोपियों से उनकी स्थिति अलग है, उनके खिलाफ कई अन्य आपराधिक मामले भी लंबित हैं। इसी आधार पर अदालत ने समानता का दावा स्वीकार नहीं किया।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि अमित बघेल के खिलाफ कुल 17 मामले लंबित हैं। वहीं सह आरोपी अजय यादव के खिलाफ 13 और दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ एक अन्य मामला दर्ज है। अदालत ने कहा कि लंबित मामलों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल जमानत नहीं दी जा सकती। हालांकि हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मामले में संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी हो जाती है या आदेश की तारीख से एक वर्ष की अवधि पूरी हो जाती है, तो आरोपी दोबारा जमानत याचिका दायर कर सकते हैं। अदालत के इस फैसले के बाद अमित बघेल को अब जेल में ही रहना होगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बलौदाबाजार हिंसा मामले की जांच अभी जारी है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों और उनकी भूमिकाओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस लगातार डिजिटल साक्ष्य, वीडियो फुटेज और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

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