दुर्ग। जिला चिकित्सालय दुर्ग में गंभीर एनीमिया से पीडि़त 22 वर्षीय युवती की उपचार के दौरान हुई मृत्यु के मामले में जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर ने निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराने, वास्तविक दोषियों की जवाबदेही तय करने तथा उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार युवती को समय पर रक्त उपलब्ध नहीं कराया गया, जबकि शासन की व्यवस्था के तहत उसे नि:शुल्क रक्त मिलना चाहिए था। उनका आरोप है कि लगभग 48 घंटे तक रक्त उपलब्ध नहीं होने के कारण युवती की मौत हुई, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। जिला कांग्रेस कमेटी ने अस्पताल प्रशासन की आंतरिक जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि केवल कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि जांच अस्पताल प्रशासन स्वयं करेगा तो उसकी निष्पक्षता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की है कि जिला प्रशासन के स्तर पर स्वतंत्र जांच समिति गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के विरुद्ध बिना किसी संरक्षण के कठोर कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिला चिकित्सालय में रक्त उपलब्धता और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की समग्र समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएं। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर ने कहा कि यह मामला जनहित और मानव जीवन से जुड़ा है। यदि पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस आमजन के साथ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करेगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, प्रवक्ता सुशील भारद्वाज, विजय चंद्राकर, गुरदीप भाटिया, आनंद देव ताम्रकार, देव साहू, पोषण साहू, संजय बत्रा, प्रकाश जोशी, आयुष शर्मा, एजाज गोल्डी, विमल यादव, असगर अली, राहुल शर्मा, विजेंद्र भारद्वाज, प्रीतम देशमुख, अनिल धनकर, भूपेंद्र वर्मा, के.डी. देवांगन, बंटी नवरंग, माहेश्वरी ठाकुर सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
युवती की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग, कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन






