अब रायगढ़ के तमनार में पकड़ाई अफीम की खेती

रायगढ़। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कई एकड़ जमीन पर खड़ी फसल का मुआयना किया और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ओडिशा बॉर्डर से सटे क्षेत्र में चल रही थी गतिविधि
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, तमनार के ओडिशा बॉर्डर से लगे आमाघाट वन क्षेत्र में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा थी। नदी किनारे अवैध खेती की सूचना मिलने के बाद तमनार पुलिस ने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस, एफएसएल, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। जांच में संगठित तरीके से की जा रही अफीम की खेती का खुलासा हुआ।
खेत में अफीम की फसल देख अधिकारी भी चौंके
मौके पर अफीम की फसल देखकर पुलिस और अधिकारी भी हैरान रह गए। जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग भी मौके पर पहुंचने लगे, जिन्हें सुरक्षा कारणों से रोका गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह भी तत्काल मौके के लिए रवाना हुए। जांच में दो प्लॉट में अफीम के पौधे मिले। कृषि विभाग के अनुसार पौधों से निकले डोडों पर ब्लेड से चीरा लगाकर उत्पाद निकालने के संकेत मिले हैं। पौधों की उम्र करीब 2 से ढाई माह बताई जा रही है।
प्रोफेशनल तरीके से की जा रही थी खेती
अधिकारियों का कहना है कि यह खेती पूरी तरह पेशेवर तरीके से की जा रही थी। पुलिस अब जमीन से जुड़े दस्तावेजों और आरोपितों की जानकारी जुटा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में ओडिशा और झारखंड से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
तरबूज की खेती के नाम पर ली गई थी जमीन
पुलिस जांच में सामने आया है कि झारखंड निवासी मार्शल सागा ने स्थानीय किसान से तरबूज की खेती के लिए जमीन किराए पर ली थी। इसके लिए उसने अग्रिम राशि भी दी थी। हालांकि, किसान ने जमीन देने के बाद दोबारा निरीक्षण नहीं किया, जिससे आरोपित बेखौफ होकर अवैध फसल तैयार करता रहा। फिलहाल पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

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