अस्पताल में कूलर-पंखा नहीं, गर्भवती महिला हुई बेहोश, मरीज के परिजनों का हंगामा

डोगरगढ। भीषण गर्मी के बीच अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और अव्यवस्था का खामियाजा सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को अस्पताल परिसर में पैथोलाजी जांच के लिए कतार में खड़ी एक गर्भवती महिला अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ी, जिसके बाद मौके पर मौजूद मरीजों और स्वजन का गुस्सा फूट पड़ा।
वर्तमान में अस्पताल की सभी पैथोलाजी जांचों को मुख्य भवन से हटाकर परिसर में बने नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां व्यवस्थाओं के नाम पर केवल अव्यवस्था नजर आ रही है।
जांच कराने आने वाले मरीजों को पहले भवन के बाहर रजिस्टर में एंट्री के लिए टीन शेड के नीचे लंबी कतार में खड़ा होना पड़ता है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी में मरीज घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन उनके लिए न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही पंखा या कूलर लगाया गया है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। उन्हें भी सामान्य मरीजों की तरह लंबी कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। गर्मी और भीड़ के कारण कई महिलाएं असहज हो रही हैं।
मरीजों का आरोप है कि जहां बाहर मरीज तपती गर्मी में परेशान हो रहे हैं। वहीं काउंटर के अंदर कर्मचारी कूलर और पंखों की ठंडी हवा में आराम से ड्यूटी कर रहे हैं। भगत सिंह चौक निवासी श्रीराज सिंह ने बताया कि वे अपनी गर्भवती पत्नी की जांच कराने अस्पताल पहुंचे थे। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कतार कई बार टीन शेड से बाहर निकलकर धूप तक पहुंच जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोपहर एक बजे के बाद डाक्टर अस्पताल से गायब हो जाते हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। सुबह भी डॉक्टर समय पर ओपीडी में नहीं पहुंचते हैं। शिकायत करने पर कर्मचारियों के मरीजों से बदसलूकी किए जाने की बात भी सामने आई है।

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