रायपुर। कमिश्नरेट पुलिस की एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन सट्टा गिरोह के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुंबई और गोवा में एक साथ दबिश देकर कुल 7 आरोपियों को पकड़ा है, जबकि इस पूरे मामले में अब तक 27 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साथ ही चार राज्यों में फैले सट्टा नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है।
जांच में सामने आया है कि बाबू खेमानी अपने भाई करण खेमानी के साथ मिलकर पिछले करीब ढाई साल से 3Stumps, रेड्डी ग्रुप, बजरंग ग्रुप, मेट्रो 65 और डायमंड मास्टर जैसे ऑनलाइन सट्टा पैनल संचालित कर रहा था। वह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की आड़ में हाई-प्रोफाइल लोगों को जोड़कर यह अवैध कारोबार चला रहा था।
पूरे नेटवर्क में अलग-अलग जिम्मेदारियां तय थीं। कुछ आरोपी देशभर में आईडी बांटते थे, जबकि कुछ रकम की वसूली और बैंक खातों की व्यवस्था करते थे। लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट यानी किराए के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था, जिनके जरिए करोड़ों रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है।
मुंबई में की गई कार्रवाई में बाबू खेमानी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और एक लग्जरी बीएमडब्ल्यू कार जब्त की गई। वहीं गोवा में रेड के दौरान चार अन्य आरोपियों को पकड़ा गया, जहां से दो लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, एक राउटर, 10 एटीएम कार्ड और सट्टे से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।
पुलिस ने कुल मिलाकर इस कार्रवाई में तीन लैपटॉप, 18 मोबाइल फोन, 10 एटीएम कार्ड, राउटर, कैलकुलेटर, हिसाब-किताब की कॉपी और एक लग्जरी कार सहित लगभग 60 लाख रुपए का सामान जब्त किया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेन-देन के सबूत मिले हैं और पूरे नेटवर्क की फाइनेंशियल जांच जारी है। साथ ही जिन खाताधारकों के खाते इस्तेमाल किए गए हैं, उनकी पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद वर्ष 2026 में अब तक ऑनलाइन सट्टे के 11 मामलों में 64 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 2 करोड़ 96 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अवैध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
ऑनलाइन सट्टा गिरोह का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी गिरफ्तार






