बारदान की कमी से MSP पर नहीं बिक रही उपज, ऋण अदायगी तिथि बढ़ाने की मांग
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश के किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने गेहूं खरीदी में लगातार हो रही देरी, बारदान की कमी और ऋण अदायगी की तिथि बढ़ाने की मांग उठाई है।
नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में कहा कि प्रदेश में गेहूं खरीदी प्रक्रिया बार-बार प्रभावित हो रही है और अब तक इसकी तिथि तीन बार बदली जा चुकी है। बारदान (बोरी) की कमी के कारण खरीदी कार्य बाधित हो रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि इस स्थिति का सीधा असर किसानों की ऋण चुकाने की क्षमता पर पड़ रहा है। केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लगभग 64 लाख से अधिक खाते संचालित हैं, जिन पर करीब 86 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बकाया ऋण है।
उमंग सिंघार ने यह भी उल्लेख किया कि इस विषय में पूर्व में भी पत्र लिखकर सरकार से ऋण अदायगी की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।
मुख्य मांगें:
किसानों की ऋण अदायगी की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई जाए।
प्रभावित किसानों को डिफॉल्टर घोषित न किया जाए।
गेहूं खरीदी प्रक्रिया को शीघ्र और सुचारू बनाया जाए।
बारदान की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसानों के हितों को देखते हुए सरकार को इस मामले में जल्द और संवेदनशील निर्णय लेना चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
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