तिल्दा।
तिल्दा नेवरा के वार्ड क्रमांक-9 में मंगलवार को एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग इतनी विकराल थी कि एक बुजुर्ग महिला का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया, जबकि आग की लपटों ने आसपास के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि समय रहते पड़ोसियों की सतर्कता से बुजुर्ग महिला पुन्नी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कैसे हुई घटना?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने की शुरुआत पुन्नी नामक बुजुर्ग महिला के घर से हुई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। हवा के चलते आग की लपटें इतनी तेज थीं कि वे पड़ोसियों के घरों तक भी पहुँच गईं, जिससे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही तिल्दा पुलिस और दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
दमकल व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने तिल्दा के औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) की अपनी एक भी गाड़ी मौजूद नहीं है। जब भी कहीं आग लगती है, तो नगर पालिका को आसपास की निजी फैक्ट्रियों से दमकल वाहनों का इंतज़ार करना पड़ता है।
इस प्रक्रिया में कीमती समय बर्बाद होता है और जब तक दमकल वाहन घटनास्थल पर पहुँचते हैं, तब तक आग अपना रौद्र रूप दिखा चुकी होती है। आज की घटना में भी यही स्थिति बनी, जिससे भारी नुकसान हुआ। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तिल्दा नेवरा जैसे औद्योगिक शहर में दमकल विभाग का सुसज्जित केंद्र और स्थाई दमकल गाड़ियां तैनात की जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
इस घटना को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। फिलहाल, आग लगने के स्पष्ट कारणों की जाँच पुलिस द्वारा की जा रही है।






