तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के बेटे ने रचा इतिहास, IFS में चयनित हुए अजय गुप्ता

वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बधाई, कहा— “यह वनांचल के सपनों की जीत”

रायपुर। संघर्ष, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार से आने वाले युवा अजय गुप्ता, जो रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव के निवासी हैं, ने भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि पर प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने दूरभाष पर अजय गुप्ता को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अजय गुप्ता की सफलता केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन हजारों वनाश्रित एवं लघु वनोपज संग्राहक परिवारों के सपनों की जीत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि साबित करती है कि कठिन परिस्थितियाँ कभी भी प्रतिभा और मेहनत के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं।
अजय गुप्ता ने चर्चा के दौरान बताया कि उनका परिवार वर्षों से तेंदूपत्ता, महुआ फूल एवं अन्य लघु वनोपज संग्रहण कार्य से जुड़ा रहा है। बचपन में वे स्वयं भी अपने भाई-बहनों के साथ गर्मी की छुट्टियों में जंगलों में वनोपज संग्रहण कर परिवार का सहयोग करते थे। उनके माता-पिता छोटे किसान हैं और सीमित शिक्षा प्राप्त होने के बावजूद उन्होंने हमेशा बच्चों की पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
आर्थिक चुनौतियों और एकल फसल आधारित कृषि पर निर्भरता के बीच भी अजय ने शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने वर्ष 2011 में 10वीं बोर्ड परीक्षा में 92.66 प्रतिशत तथा वर्ष 2013 में 12वीं बोर्ड परीक्षा में 91.40 प्रतिशत अंक हासिल किए। उनकी यह उपलब्धि आज ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
अजय गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ (CGMFPFED) की छात्रवृत्ति योजनाओं और राज्य शासन की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को भी दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता ने उनकी शिक्षा यात्रा को मजबूती दी और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल लघु वनोपज संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि वनाश्रित परिवारों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जब तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार का बेटा भारतीय वन सेवा जैसी प्रतिष्ठित सेवा में चयनित होता है, तो यह शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता और प्रभावशीलता का प्रमाण भी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि अजय गुप्ता की सफलता प्रदेश के हजारों युवाओं, विशेषकर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करेगी और आने वाले समय में ऐसे युवा छत्तीसगढ़ के विकास और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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