देवरी पंचायत में फर्जीवाड़े और शासकीय रिकॉर्ड नष्ट करने का मामला: सरपंच-सचिव पर FIR दर्ज करने की मांग

तिल्दा-नेवरा: ग्राम पंचायत देवरी में शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग, कूटचरित (फर्जी) NOC बनाने और सरकारी रिकॉर्ड नष्ट करने का गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत के समस्त वार्ड पंचों, उपसरपंच और ग्रामीणों ने तिल्दा-नेवरा थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर सरपंच श्रीमती दिव्या (राजा) वर्मा एवं तत्कालीन सचिव के विरुद्ध नामजद FIR दर्ज करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला? ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और सचिव ने मिलीभगत कर एक निजी कंपनी ‘मेसर्स अग्रसेन स्टील एंड पॉवर प्राइवेट लिमिटेड’ के पक्ष में 30 मार्च 2026 को फर्जी NOC जारी की। इस फर्जीवाड़े को छिपाने के लिए बाद में रजिस्टर में बैकडेट एंट्री करने का प्रयास किया गया। जब ग्रामीण सजग हुए, तो साक्ष्य मिटाने की नीयत से कार्यवाही रजिस्टर के पृष्ठ क्रमांक 58 से 61 तक को फाड़ दिया गया।
ग्रामीणों के पास मौजूद पुख्ता सबूत: ग्रामीणों ने अपनी शिकायत के समर्थन में कई साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं:
वीडियो फुटेज: 6 अप्रैल 2026 की बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग, जिसमें आरोपी स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि रजिस्टर में कोई एंट्री नहीं थी और पन्ने सही थे।
सचिव का प्रतिवेदन: नवनियुक्त पंचायत सचिव टेकराम वर्मा द्वारा 9 अप्रैल 2026 को जिला पंचायत को सौंपी गई रिपोर्ट, जिसमें रजिस्टर के पन्ने फटे होने की पुष्टि की गई है।
पंचों का गवाहीनामा: 12 वार्ड पंचों और उपसरपंच द्वारा हस्ताक्षरित शपथ पत्र, जो फर्जी बैठक को प्रमाणित करते हैं।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी:
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 72 घंटों (3 दिनों) के भीतर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे थाने के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन पर पूर्व में दी गई शिकायतों पर कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया है।

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