धमतरी । अब हादसा, अपराध या संकट की घड़ी में मदद के लिए लोगों को घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि जिले की पुलिसिंग अब हाईटेक मोड में पहुंच चुकी है और 12 नए अत्याधुनिक डायल-112 ईआरवी वाहनों के साथ धमतरी पुलिस ने आपातकालीन सहायता व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा तेज, मजबूत और भरोसेमंद बना दिया है। पुलिस लाइन धमतरी स्थित कम्पोजिट बिल्डिंग में पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार की मौजूदगी में डायल-112 और ईआरवी टीम के अधिकारियों, कर्मचारियों और वाहन चालकों की विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने, घटनास्थल तक न्यूनतम समय में पहुंचने, रिस्पांस सिस्टम को और प्रभावी बनाने तथा आम नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार को लेकर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
जिले को मिले 12 नए हाईटेक ईआरवी वाहन अब 12 थाना क्षेत्रों में 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और सड़क दुर्घटना, महिला संबंधी अपराध, विवाद, मारपीट, आपराधिक घटनाओं और अन्य इमरजेंसी स्थितियों में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराएंगे। कार्यशाला में बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी डायल-112 योजना के तहत शहर क्षेत्रों में मात्र 10 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर पुलिस रिस्पांस सुनिश्चित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इन अत्याधुनिक वाहनों के जरिए पीड़ितों तक तेजी से पहुंचकर उन्हें तत्काल राहत और सुरक्षा प्रदान की जाएगी, जिससे पुलिस के प्रति आम लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
अधिकारियों ने बताया कि इन हाईटेक डायल-112 वाहनों को देश के माननीय केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था और अब इनके धमतरी जिले में शामिल होने से पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। कल जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में इन वाहनों का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा और उन्हें संबंधित थाना क्षेत्रों के लिए रवाना किया जाएगा। एसपी सूरज सिंह परिहार ने कार्यशाला में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों और वाहन चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि डायल-112 केवल एक सेवा नहीं बल्कि जनता की सुरक्षा, विश्वास और त्वरित राहत का सबसे मजबूत माध्यम है, इसलिए हर कॉल और सूचना को गंभीरता, संवेदनशीलता और तत्परता के साथ लेते हुए न्यूनतम समय में घटनास्थल पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। प्रशिक्षण के दौरान टीम को संयमित व्यवहार, प्रभावी संवाद शैली, वायरलेस समन्वय, आधुनिक तकनीकी उपकरणों के उपयोग, रिस्पांस टाइम कम करने और कानून व्यवस्था की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने की जानकारी दी गई। वहीं वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, आपातकालीन मार्ग संचालन और वाहन रखरखाव के संबंध में विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, एसडीओपी रागिनी मिश्रा, डीएसपी मोनिका मरावी, डीएसपी मीना साहू, एसडीओपी विपिन रंगारी, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा, डायल-112 प्रभारी निरीक्षक गायत्री सिन्हा, कंट्रोल रूम प्रभारी बिरेश तिवारी और एमटीओ सुल्तान हुसैन सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बहरहाल, धमतरी पुलिस की यह नई हाईटेक पहल साफ संकेत दे रही है कि अब जिले में आपात स्थिति में मदद की रफ्तार और पुलिस की मौजूदगी दोनों पहले से कहीं ज्यादा तेज और असरदार होने वाली है।
धमतरी में हाईटेक डायल-112 की एंट्री, अब 10 मिनट में पहुंचेगी पुलिस, सुरक्षा होगी मजबूत






