पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के रसायन विभाग में अभिभावक-शिक्षक-छात्र मिलन समारोह आयोजित

रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के रसायन अध्ययन शाला (School of Studies in Chemistry) में अभिभावक-शिक्षक-छात्र (Parent-Teacher-Student) मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार, शिक्षकों एवं अभिभावकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना रहा।

शैक्षणिक प्रगति पर खुली चर्चा

कार्यक्रम के दौरान छात्रों के परीक्षा परिणाम, उपस्थिति और कक्षा में व्यवहार की जानकारी अभिभावकों को दी गई। विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मानस कांति देब ने कहा कि शिक्षकों और अभिभावकों के बीच खुला संवाद छात्रों की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त कर छात्रों की बेहतरी के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की प्रतिभा, रुचियों और कौशलों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करना आवश्यक है, साथ ही सुधार के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यह समारोह घर और संस्थान के बीच मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करता है, जिससे छात्रों की सफलता के लिए सहयोग और सहभागिता की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।

अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की जानकारी

अभिभावकों को विभाग में उपलब्ध अत्याधुनिक अनुसंधान एवं शिक्षण प्रयोगशालाओं का अवलोकन कराया गया। विभाग में विश्लेषणात्मक, कार्बनिक, अकार्बनिक एवं भौतिक रसायन विज्ञान की उन्नत प्रयोगशालाएं संचालित हैं।

मुख्य सुविधाओं में—

  • नैनोमैटेरियल, ड्रग डिजाइन, सिंथेटिक केमिस्ट्री एवं पर्यावरण रसायन विज्ञान हेतु अनुसंधान प्रयोगशालाएं
  • स्पेक्ट्रोस्कोपी प्रयोगशाला (FTIR एवं फ्लोरेसेंस स्पेक्ट्रोमेट्री)
  • एटॉमिक एब्जॉर्प्शन स्पेक्ट्रोमेट्री (Thermo Fisher)
  • फ्लोरेसेंस माइक्रोस्कोप सुविधा
  • पोटेंशियोस्टेट आधारित विद्युत-रासायनिक विश्लेषण (Cyclic Voltammetry एवं Chronoamperometry)
  • स्नातकोत्तर कक्षाओं हेतु सुसज्जित सामान्य प्रयोगशालाएं

उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान में उपलब्धियां विभाग MSc एवं PhD कार्यक्रम संचालित करता है, जिसमें कार्बनिक, अकार्बनिक, भौतिक एवं विश्लेषणात्मक रसायन विज्ञान पर विशेष ध्यान दिया जाता है। पर्यावरणीय रसायन विज्ञान, नैनोमटेरियल्स, औषधीय जैव-अणुओं के संयुग्मन, QSAR एवं कैंसर विरोधी अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में विभाग की विशेष पहचान है।

अब तक विभाग 500 से अधिक पीएचडी उपाधियां प्रदान कर चुका है। इस वर्ष भी दो छात्रों का चयन हुआ है। साथ ही, 33 छात्रों का चयन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में हो चुका है। अनुसंधान कार्यों के लिए संस्थान को 2 करोड़ रुपये से अधिक का फंड प्राप्त हुआ है। NET/GATE की तैयारी के लिए भी विभाग उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण प्रदान कर रहा है।

शिक्षकों का मार्गदर्शन

विभाग में प्रो. डॉ. शम्स परवेज, प्रो. डॉ. कमलेश कुमार श्रीवास, प्रो. डॉ. मनमोहन लाल सतनामी, सह.प्रो. डॉ. इंद्रपाल करभाल, सह.प्रो. डॉ. वंदना सिंह एवं सह.प्रो. डॉ. भुनेश्वरी साहू जैसे अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्र अध्ययन एवं अनुसंधान कर रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. डॉ. मानस कांति देब ने किया। प्रो. डॉ. कमलेश कुमार श्रीवास ने उपस्थित अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। समारोह में सैकड़ों अभिभावक एवं छात्र उपस्थित रहे।

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