प्रतापपुर और भैयाथान क्षेत्र में दो रपटे क्षतिग्रस्त, कलेक्टर ने जांच के दिए निर्देश; ग्रामीणों ने ठेकेदार पर लगाए लापरवाही के आरोप
सूरजपुर। जिले के प्रतापपुर विकासखंड में पहली ही तेज मानसूनी बारिश के दौरान एक निर्माणाधीन रपटा बह जाने से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इससे पहले इसी मार्ग पर बनी एक पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद लोक निर्माण विभाग (सेतु संभाग) और संबंधित निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पीडब्ल्यूडी के सेतु विभाग द्वारा धोन्धा–गोविंदपुर–रमकोला मार्ग पर आवागमन सुचारू करने के लिए रपटा का निर्माण कराया जा रहा था। ग्रामीणों का दावा है कि रपटा लगभग तैयार हो चुका था और उस पर लोगों की आवाजाही भी शुरू हो गई थी। वहीं विभाग का कहना है कि निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ था और इसी दौरान तेज बारिश से नदी का जलस्तर बढऩे के कारण रपटा क्षतिग्रस्त हो गया।
15 दिन पहले बना दूसरा रपटा भी ढहा
इसी बीच जनपद पंचायत भैयाथान के ग्राम पंचायत डबरीपारा में गोबरी नदी पर लगभग 15 लाख रुपये की लागत से बना रपटा भी पहली तेज बारिश में बह गया। बताया जा रहा है कि यह रपटा करीब 15 दिन पहले ही तैयार हुआ था। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संबंधित एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
कलेक्टर ने गठित की जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरजपुर कलेक्टर रैना जमील ने दोनों मामलों की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कई गांवों का संपर्क टूटा, ग्रामीणों में नाराजगी
रपटा बह जाने से क्षेत्र के कई गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क बाधित हो गया है। इसका असर स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों को अब कई किलोमीटर लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान ही घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायत प्रशासन से की गई थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो यह स्थिति नहीं बनती।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रशासन से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था कर आवागमन बहाल करने की मांग भी की है।
पहली बारिश में बहा निर्माणाधीन रपटा, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल






