रायगढ़/खरसिया मुनादी।। खरसिया थाना क्षेत्र के परसखोल गांव में हत्या के मामले में संदिग्ध की पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ने और बाद में मौत होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले को मुनादी द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही मामले से जुड़े दो आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया गया है। इसके अलावा मृतक की पत्नी को भरण पोषण के लिए नौकरी देने का भी आश्वासन दिया है ।
जानकारी के अनुसार खरसिया थाना क्षेत्र के परसखोल गांव में 1 मार्च को अनिल चौहान नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी और इसी सिलसिले में रमेश चौहान नामक संदिग्ध को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान ही रमेश चौहान की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
पुलिस ने उसे तत्काल खरसिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रायगढ़ रेफर किया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे डीकेएस अस्पताल रायपुर भेजा गया, जहां दो दिन बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम को मुनादी ने सबसे पहले प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया। खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो सके।
इसके साथ ही एहतियातन कार्रवाई करते हुए मामले से जुड़े दो आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया गया है। वहीं सूत्रों के मुताबिक खरसिया थाना प्रभारी को भी हटाए जाने की चर्चा चल रही है, हालांकि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
घटना के बाद से ही मृतक के परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस अब तक किसी भी प्रकार की मारपीट से इंकार करती रही है। ऐसे में अब मजिस्ट्रियल जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।





