मोटरसाइकिल में सवार होकर दुर्गम पहाड़ी गाँवो में प्रशासन ने दी दस्तक

उबड़-खाबड़ रास्तों को मात देकर गोंडेरास-नीलावाया की चौपाल पहुंचे ‘कलेक्टर-एसपी
गोंडेरास में सौर प्लेट रिपेयरिंग तो नीलावाया में पुलिया निर्माण कि तत्काल स्वीकृति
सुकमा।
जिले में सुशासन तिहार 2026 के तहत शासन की योजनाएं अब केवल फाइलों और दफ्तरों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि प्रशासन स्वयं दुर्गम इलाकों तक पहुंचकर ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास कर रहा है। बुधवार को कलेक्टर अमित कुमार एवं पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने सुकमा विकासखंड के अत्यंत पहुंचविहीन गांव गोंडेरास और नीलावाया का दौरा किया। करीब 30 किलोमीटर उबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों को मोटरसाइकिल से तय कर अधिकारी गांव पहुंचे और सुशासन चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
गोंडेरास गांव में कलेक्टर अमित कुमार और एसपी किरण चव्हाण ने इमली के पेड़ के नीचे खाट पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं बेहद आत्मीयता से सुनीं। उन्होंने बताया कि गांव की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पहले ही 60 से 70 लाख रुपये के विकास कार्य आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन आदि स्वीकृत किए गए हैं, जिनकी जिम्मेदारी पंचायत को दी गई है ताकि कार्य तेजी से और प्रभावी ढंग से हो सके। ग्रामीणों द्वारा सौर प्लेट खराब होने की शिकायत पर कलेक्टर ने तत्काल क्रेड़ा विभाग के अधिकारियों को सभी घरों में सौर प्लेट मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान प्रशासन ने योजनाओं के क्रियान्वयन की मौके पर ही समीक्षा करते हुए पीएम आवास योजना, महतारी वंदन योजना, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, बैंक खाता, तेंदूपत्ता खरीदी जैसी आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। शिविर में ग्रामीणों को त्वरित लाभ देते हुए 17 केसीसी कार्ड, पीएम किसान के 11 प्रकरण, 12 जाति प्रमाण पत्र, 2 किसान किताब, 2 पटवारी प्रतिवेदन सहित कई दस्तावेज मौके पर ही वितरित किए गए। गांव के सरपंच जोगा वंजामी ने अधिकारीयों के आगमन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर उनके गांव तक पहुंचा है।
गोंडेरास के बाद कलेक्टर मोटरसाइकिल से नीलावाया पहुंचे और वहां भी जमीन पर बैठकर ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। उन्होंने सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की और सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल में इलाज सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सचिव को 4 मोतियाबिंद मरीजों को जिला अस्पताल भेजकर इलाज कराने के निर्देश दिए गए। शिविर में 22 जन्म प्रमाण पत्र बनाकर तत्काल वितरित किए गए तथा 2 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म भी पूरी कराई गई, जिससे कार्यक्रम में मानवीय संवेदनशीलता का संदेश स्पष्ट दिखा।
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि शासन की मंशा है कि विकास का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचे। हमने गोंडेरास और नीलावाया की बुनियादी सुविधाओं के लिए लगभग 70 लाख रुपये के निर्माण कार्य स्वीकृत किए हैं, जिनकी क्रियान्वयन एजेंसी पंचायत को बनाया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर काम में तेजी आए। हमारा लक्ष्य केवल कागजी सुशासन नहीं, बल्कि धरातल पर ‘नियद नेल्लानारÓ के जरिए हर घर को बिजली, पानी, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं के सेच्युरेशन से जोडऩा है। ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निराकरण करना हमारी प्राथमिकता है।
नीलावाया के ग्रामीणों ने बारिश में एक छोटे नाले के कारण 15 किलोमीटर घूमकर जाने की परेशानी बताई, जिस पर कलेक्टर अमित कुमार ने तुरंत पुल स्वीकृत करने के निर्देश दिए। वहीं राशन संबंधी समस्या सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया। जिला प्रशासन सुशासन तिहार के अंतर्गत 31 व्यक्तिमूलक योजनाओं का सेच्युरेशन, 14 सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार और 10 वांछनीय योजनाओं में अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। यह दौरा साबित करता है कि सुशासन अब कागजों में नहीं, बल्कि पहाड़ों और जंगलों के बीच बसे गांवों तक पहुंचकर आमजन के जीवन में भरोसे और बदलाव की नई उम्मीद जगा रहा है।

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