वेदांता प्लांट हादसे में मृतकों को कंपनी देगी 35-35 लाख की सहायता, PMO से भी 2-2 लाख मिलेंगे, अब तक 20 की मौतें

मजिट्रियल जांच के आदेश, कांग्रेस ने भी बनाई जांच कमेटी
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया। इस हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो गई है। वहीं कई मजदूर घायल हो गए हैं। जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दु:खद और पीड़ादायक बताते हुए हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।
मुख्यमंत्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। वहीं कांग्रेस ने भी पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई है।
यह हादसा मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुआ, जहां अचानक बॉयलर फटने से जोरदार ब्लास्ट हुआ। विस्फोट के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो गई है। वहीं घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
मृतकों में बिहार-झारखंड के मजदूर भी शामिल
इस हादसे में घायल होने वाले 12 मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाला हैं। वहीं बाकी मजदूर बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के हैं। अब तक 4 मृतक की पहचान हुई है। मृतकों में ठंडाराम और पप्पू कुमार और अमृत लाल पटेल (50) और यूपी के बृजेश कुमार का नाम शामिल है। हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूर परिजन ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने प्रबंधन पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। इसके अलावा लापता मजदूरों की जानकारी नहीं देने को लेकर प्लांट प्रबंधन पर आरोप लगाया।
कंपनी ने किया 35-35 लाख की आर्थिक मदद का ऐलान
वहीं हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने आर्थिक मदद का एलान किया है। मृतक के परिजनों को 35-35 लाख रुपये मिलेगा, इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भी एलान किया गया है। घायलों को 15 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।
मजिस्ट्रियल जांच का भी आदेश
घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला दण्डाधिकारी अमृत विकास तोपनों ने मंगलवार की देर रात मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए गए हैं । जांच के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी, डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
हादसे पर भावुक हुए अनिल अग्रवाल
इस हादसे पर वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दुख जताते हुए लिखा, छत्तीसगढ़ के सिंघीतराई प्लांट में हुए दुखद हादसे से गहरा दुख हुआ है. इस हादसे से प्रभावित हर व्यक्ति मेरा परिवार है. आपके आंसू मेरे हैं, आपका दर्द मेरा है. हमारा पूरा सहयोग, हर तरह से आपके साथ है,
केंद्र सरकार ने दी आर्थिक मदद
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, छत्तीसगढ़ के सक्ती जि़ले में एक पावर प्लांट में हुई दुर्घटना दुखद है. मैं उन लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है. ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं. स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है. पीएमओ की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.
दीपक बैज ने हादसे पर उठाए सवाल
दीपक बैज ने हादसे पर सवाल उठाते हुए कहा कि सबसे बड़ा सवाल है कि हर तीन महीने में लगातार प्लांटों में बड़े-बड़े हादसे हो रहे हैं जो चिंताजनक है. कई मजदूरों की जान लगातार जा रही है. मजदूर घटनाओं में मारे जा रहे हैं. उनकी सुरक्षा खतरे में है. उन्होंने आगे कहा कि जब से ये सरकार बनी है, लगातार तीन महीने से बड़ी-बड़ी घटनाएं हो रही हैं. 8 से 10 मजदूरों की मौत हुई। इसका जिम्मेदार कौन है? सरकार से सीधा सवाल है कि ये हादसा है या हत्या. इस मामले की जांच होनी चाहिए।
प्लांट के बाहर पुलिस तैनात
इस हादसे के बाद पावर प्लांट को बंद कर दिया गया है. सुबह की शिफ्ट में आने वाले मजदूर वापस लौट रहे हैं। प्लांट के बाहर लोगों की भीड़ लग गई है. हालात को देखते हुए प्लांट में पुलिस फोर्स तैनात की गई है. वहीं बैरिकेटिंग भी लगाई गई है।

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