स्थानीयों की उपेक्षा से नाराज पार्षदों ने ठेका कंपनियों के खिलाफ खोला मोर्चा

कोरबा। रोजगार और श्रम के क्षेत्र में सरकार के द्वारा अधिकतम स्थानी लोगों के नियोजन के दावे किए जा रहे हैं और इसके ठीक विपरीत कोरबा जिले के दर्री, जेलगांव क्षेत्र में स्टेट पावर कंपनी के अंतर्गत ठेका कंपनियों स्थानीय लोगों को रोजगार देने में आनाकानी कर रही है। क्षेत्र के पार्षदों ने इस बारे में पुलिस से शिकायत की और हस्तक्षेप करने की मांग की है।
म्युनिसिपल कारपोरेशन ऑफ कोरबा के दर्री जोन के वार्डों से निर्वाचित पार्षदों से मिलकर क्षेत्र के सैकड़ो लोगों ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ पावर जेनरेशन कंपनी के कोरबा वेस्ट पावर प्लांट काम करने वाली कांट्रेक्ट एजेंसी मनमानी कर रही है। अपने कार्यों को करने के लिए उनके द्वारा दूसरे राज्यों के श्रमिकों का नियोजन किया गया है और स्थानीय श्रमिकों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। इस प्रकार की हरकतों से हम लोगों के पास कामकाज नहीं रह गया है और परेशानियां है। ठेकेदार से संपर्क करने पर कहा जाता है कि हमारे पास कोई संभावना नहीं है और आपको जहां जाना है जाइए शिकायत से कुछ नहीं होना है। निर्वाचित पार्षदों ने जनता से जुड़ी समस्या की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी है। और कहा है कि अगर आगे इस मसले को लेकर आंदोलन होता है तो सरकारी तंत्र इसके लिए जिम्मेदार होगा।
कांट्रेक्टर एसोसिएशन पहले ही जता चुका चिंता
इससे पहले ही स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी के अंतर्गत विभिन्न कार्यों में अपनी भूमिका निभाने वाला कोरबा वेस्ट का कांट्रेक्टर एसोसिएशन इस बात को लेकर चिंता जता चुका है कि बड़ी कंपनियों को काम देने के लिए पावर सेक्टर लगातार रुचि ले रहा है। ऐसे में पावर प्लांट में छोटे-छोटे स्तर पर होने वाले कामकाज के लिए संकट पैदा हो जाएगा। उसका कहना है कि अत्यावश्यक श्रेणी के अधिकांश कार्यों में लंबे समय से छोटी पार्टियां काम करती रही है। लेकिन वर्तमान में जिस प्रकार की पॉलिसी बनाई गई है , अगर उस पर क्रियान्वयन होता है तो एक बड़ा संकट पैदा होने वाला है।

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