वन विभाग में दोहरा मापदंड? कनिष्ठ अधिकारी निलंबित, रेंजर पर कार्रवाई लंबित

बलोदाबाजार, छत्तीसगढ़।
वन विभाग में अनुशासन और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर मंत्रालय में सचिव पद पर पदस्थ वरिष्ठ अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले कनिष्ठ अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, वहीं दूसरी ओर कसडोल सब डिवीजन में पदस्थ रेंजर सुमित साहू के खिलाफ लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंत्रालय में हुई घटना के बाद विभाग ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए संबंधित कनिष्ठ अधिकारी को निलंबित कर दिया। विभागीय सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारी के प्रति लिंग सूचक अपशब्द का प्रयोग गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है।
इधर, बलोदाबाजार वन मंडल के अंतर्गत कसडोल सब डिवीजन में कार्यरत रेंजर सुमित साहू पर आरोप है कि वे अपने अधीनस्थ मैदानी कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हैं और उन्हें अपमानित करते हैं। इस संबंध में वन कर्मचारी संघ द्वारा कई बार शिकायतें की गईं और आंदोलन भी किया गया। बताया जाता है कि उपवन मंडल अधिकारी यू. आर. बसंत के नेतृत्व में जांच की गई, किंतु जांच रिपोर्ट पर अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है।
वन कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि अनुशासनहीनता के मामलों में विभाग सख्त है, तो सभी मामलों में समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरी ओर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच प्रक्रिया जारी है और नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
अब देखना यह है कि विभाग पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखते हुए आरोपों पर क्या कदम उठाता है। वन विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन व्यवस्था पर उठे सवालों का जवाब आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकता है।
