फिर बदला ड्रेस कोड, कोल इंडिया के निर्णय पर प्रश्नचिन्ह

कोरबा। मुश्किल से 1 साल पहले ही कोल इंडिया ने अपनी सभी कंपनियों के एग्जीक्यूटिव और एम्पलाइज के लिए ड्रेस कोड लागू किया था। एक वर्ष के बाद ही इसे बदल दिया गया। ऐसे में कोल इंडिया के बड़े अफसर के निर्णय पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या टेक्सटाइल्स कंपनियों के साथ उन्होंने कोई अनुबंध कर रखा है।
एक वर्ष पहले पुरुष कर्मियों के लिए नेवी ब्लू शर्ट और ब्लू पेंट एवं महिलाओं के लिए डार्क ब्लू पट्टी के साथ स्काई ब्लू साड़ी को ड्रेस कोड बनाया गया था। इसके लिए कर्मचारियों को अधिकतम 12000 रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई थी। 1 वर्ष भी इस ड्रेस कोड को नहीं चलाया गया और आप फिर से दूसरा ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। इसके अंतर्गत ब्लैक पेंट फ्लाई अश कलर की शर्ट तथा इसी से मिलता जुलता ड्रेस कोड महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है। कोरबा जिले के मामले में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के गिनती के कर्मचारियों ने कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि का बेहतर उपयोग किया। जबकि अधिकांश कर्मचारियों ने दोयम दर्जे की ड्रेस तैयार कराई और दुकानदारों से सेटिंग कर बिल की व्यवस्था करने में सफलता हासिल की। नवीन ड्रेस कोड लागू होने के बाद एक बार फिर कर्मचारियों की बल्ले बल्ले होना है। इनमें से ज्यादा खुश हैं जिनका सेवानिवृत्ति कालखंड काफी नजदीक है। अब कोल इंडिया के ड्रेस कोड संबंधित निर्णय को लेकर दूसरी कंपनियों में चर्चा चल रही है कि उसके अधिकारियों को दिमाग देता कौन है।

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