कल्याण ज्वेलर्स के कर्मचारी पर गोल्ड स्कीम में 5.72 लाख की ठगी का आरोप, गिरफ्तार

अंबिकापुर। शहर के कल्याण ज्वेलर्स शोरूम से जुड़ा एक बड़ा ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक कर्मचारी पर धनलक्ष्मी गोल्ड स्कीम के नाम पर निवेशकों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। यह पूरा मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, सूरजपुर जिले के कल्याणपुर निवासी अविनाश कुमार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने कल्याण ज्वेलर्स में चल रही धनलक्ष्मी गोल्ड स्कीम के तहत निवेश किया था। शोरूम के कर्मचारी राजेश कुमार तिवारी ने उन्हें स्कीम के बारे में जानकारी दी थी, जिसमें बताया गया कि जमा की गई राशि के बदले उसी दिन के सोने के भाव के अनुसार सोना उनके नाम दर्ज किया जाएगा, जिसे बाद में सोने या उसकी कीमत के रूप में निकाला जा सकता है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने स्कीम में विश्वास जताते हुए खाता खुलवाया और नियमित रूप से हर महीने 5 हजार रुपये जमा करने लगे। इसके बाद 21 अक्टूबर 2025 को उन्होंने राजेश द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड के माध्यम से 30 हजार रुपये जमा किए, जिसके कुछ दिनों बाद उन्हें 40 हजार रुपये वापस भी मिले, जिससे उनका विश्वास और बढ़ गया। इसके बाद 11 नवंबर 2025 से 22 दिसंबर 2025 के बीच आरोपियों ने लगातार उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया और कल्याण ज्वेलर्स के कर्मचारियों के नाम से जुड़े बैंक खातों के क्यूआर कोड भेजकर बड़ी रकम जमा करवाई। इस दौरान अविनाश कुमार ने कुल 7 लाख 59 हजार रुपये जमा किए। जब उन्होंने अपनी राशि और स्कीम की स्थिति जानने के लिए शोरूम का दौरा किया, तो उन्हें बताया गया कि उनके खाते में केवल 1 लाख 87 हजार रुपये ही वापस किए गए हैं। बाकी रकम के बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन संबंधित कर्मचारी राजेश कुमार तिवारी शोरूम से गायब मिला। स्थिति स्पष्ट न होने पर पीडि़त ने गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें कुल 5 लाख 72 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया। पुलिस ने मामले में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी के अनुसार, पुलिस टीम ने जांच के दौरान मुख्य आरोपी राजेश कुमार तिवारी की तलाश शुरू की और तकनीकी सहायता के आधार पर उसे रायपुर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में एक अन्य व्यक्ति भी शामिल है, जो अभी फरार है। उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है और पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही है।

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