थाली में परोसा जा रहा है ‘जहर? प्रशासन ने कसा शिकंजा

कोरबा। क्या आप जो खा रहे हैं वो शुद्ध है? क्या आपके बच्चों का पसंदीदा गुपचुप और जूस सेहत बिगाड़ रहा है? कोरबा जिले में खाद्य विभाग ने सही दवा, शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार थीम के तहत एक ऐसा सघन अभियान छेड़ा है, जिसने मिलावटखोरों की नींद उड़ा दी है।
बड़े-बड़े ठिकानों पर रेड: हड़कंप मच गया!
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के नामी प्रतिष्ठानों से लेकर गलियों के गुपचुप सेंटरों तक धावा बोल दिया है। इस कार्रवाई में गन्ना जूस सेंटर, डेयरी शॉप, राशन दुकानों और यहां तक कि हॉस्पिटल की कैंटीन को भी नहीं बख्शा गया।
इन जगहों से लिए गए संदिग्ध नमूने
श्री चन्द मार्केटिंग (मेन रोड कोरबा): धनिया और मिर्च पाउडर के सैंपल लिए गए।
जेलगांव केडिया ब्रदर्स:
मिक्सचर का नमूना जब्त।
100 बेड हॉस्पिटल कैंटीन:
मरीजों को खिलाए जाने वाले चावल और दाल की शुद्धता पर शक, सैंपल लैब भेजे गए।
करतला:
चावल, नमक और शक्कर के नमूने लिए गए।
इन सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अगर रिपोर्ट में मिलावट पाई गई, तो इन दुकानदारों की खैर नहीं!
मिलावटखोरों पर ‘जुर्माने की स्ट्राइक: लाखों का दंड!
कोर्ट ने पिछले दो महीनों में मिलावट और लापरवाही बरतने वाले व्यापारियों पर भारी जुर्माना ठोककर कड़ा संदेश दिया है।
दुकानदारों को अंतिम चेतावनी
विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि लाइसेंस डिस्प्ले करना अनिवार्य है। एक्सपायर्ड सामान बेचा तो दुकान सील होगी। कर्मचारियों का मेडिकल चेकअप और परिसर में पेस्ट कंट्रोल जरूरी है।
इन पर हुई अर्थदंड की कार्रवाई।

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