दुर्ग। दिन में सूने मकानों के बाहर लटके ताले देखते ही ये गैंग करोड़ों का माल समेट लेता था, लेकिन दुर्ग पुलिस ने सैकड़ों CCTV फुटेज खंगालकर आखिरकार उस अंतरराज्यीय चोर गिरोह का ऐसा पर्दाफाश किया कि मेरठ से लेकर भिलाई, बिलासपुर और नवा रायपुर तक फैले चोरी के नेटवर्क की परतें खुल गईं। दुर्ग पुलिस ने उत्तरप्रदेश के मेरठ से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 400 ग्राम सोना, 3 लाख 50 हजार रुपये नगद समेत कुल 63 लाख 50 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है। नेहरू नगर और दुर्ग क्षेत्र में दिनदहाड़े लगातार हो रही हाईप्रोफाइल चोरियों को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया था। थाना सुपेला और ACCU की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण, लोकेशन ट्रैकिंग और घटनास्थलों के आसपास लगे सैकड़ों CCTV कैमरों की जांच के बाद ऐसा सुराग निकाला जिसने पूरे गिरोह तक पहुंचा दिया। जांच के दौरान टीम सीधे मेरठ और दिल्ली पहुंची जहां आरोपी हासीम खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बिलासपुर से एक्टिवा क्रमांक CG 10 AK 4136 खरीदने और उसी वाहन से दुर्ग-भिलाई में रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देना कबूल किया। आरोपी ने बताया कि गैंग के सदस्य कुछ दिनों से रायपुर के मोदहापारा इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे और वहीं से दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, नवा रायपुर और दूसरे शहरों में फेरीवाले बनकर घूमते थे। कपड़ा और गलीचा बेचने के बहाने कॉलोनियों में पहुंचते, सूने मकानों की पहचान करते और फिर दिनदहाड़े ताला तोड़कर लाखों के जेवर और नगदी पार कर देते थे। चोरी के दौरान एक आरोपी बाहर निगरानी करता था जबकि दूसरा अंदर घुसकर वारदात को अंजाम देता था। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी का सोना मेरठ के सलीम ज्वेलर्स को बेचा जाता था। इसके बाद पुलिस ने ज्वेलर्स संचालक सलीम खान पिता अब्बास खान उम्र 28 साल निवासी शिवालकास मेरठ को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से करीब 400 ग्राम सोना कीमत लगभग 60 लाख रुपये और 3 लाख 50 हजार रुपये नगद बरामद किए गए। गिरफ्तार मुख्य आरोपी हासीम खान पिता जब्बार खान उम्र 24 साल निवासी श्याम नगर रोड, शालीमार गार्डन गली नंबर 1 मेरठ उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बिलासपुर के तिफरा, नवा रायपुर और मध्यप्रदेश के जबलपुर में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। शेष आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। मेरठ और भोपाल पुलिस के सहयोग से मिली इस बड़ी सफलता ने साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से शहर बदलें, CCTV और तकनीकी जांच के जाल से बचना अब आसान नहीं रहा।
दिनदहाड़े ताले तोड़कर करोड़ों की चोरी करने वाला मेरठ गैंग बेनकाब, ज्वेलर्स भी गिरफ्तार






