रायपुर। सिलयारी क्षेत्र में दर्ज नाबालिग बालिका से दुष्कर्म मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक और बड़ा खुलासा किया है। मामले में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद अब ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के आरोप में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दुष्कर्म मामले को सार्वजनिक करने की धमकी देकर आरोपी पक्ष से मोटी रकम वसूलने की साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना के दौरान मोहम्मद उस्मान सैफी, सूरज सिंह ठाकुर और एक अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आई। जांच में पाया गया कि तीनों लगातार दुष्कर्म के आरोपियों और उनके परिजनों पर दबाव बना रहे थे। वे कई बार आरोपियों के घर पहुंचे और फोन के जरिए भी संपर्क में रहकर मामले को दबाने के नाम पर पैसे की मांग करते रहे।विवेचना में यह भी खुलासा हुआ कि 28 मई 2026 को मोहम्मद उस्मान सैफी अपनी क्रेटा कार से सूरज सिंह ठाकुर और एक अन्य व्यक्ति के साथ आरोपी पक्ष के घर पहुंचा था। वहां उन्होंने मामले को सार्वजनिक करने और जेल भिजवाने की धमकी देकर रकम की मांग की। सौदेबाजी के बाद आरोपियों ने नगद और डिजिटल माध्यम से पैसे भी प्राप्त किए।पुलिस को मिले साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) समेत अन्य प्रासंगिक धाराएं जोड़ी गईं। पर्याप्त सबूत मिलने पर पुलिस ने सूरज सिंह ठाकुर (35) और मोहम्मद उस्मान सैफी (36), दोनों निवासी सिलयारी, धरसींवा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई से साफ है कि दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामलों में ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली करने वालों पर भी कानून का शिकंजा कस रहा है।
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में बड़ा खुलासा: ब्लैकमेलिंग कर वसूली करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार






