
आपसी सहमति से बने वयस्क संबंधों को चरित्रहीनता कहना गलत
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि दो अविवाहित वयस्कों के बीच आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध को, अपने आप में, चरित्रहीनता या नैतिक दुराचार का प्रमाण नहीं माना जा सकता.यह फैसला न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और मनमोहन की…






