CRPF 212 वीं बटालियन मुख्यालय एटापक्का में मनाया गया शौर्य दिवस

याद किया गया 1965 के भारत-पाक युद्ध में बल के पराक्रम को
जगदलपुर।
सीआरपीएफ 212 वीं बटालियन मुख्यालय के प्रांगण एटापक्का में शौर्य दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत में बटालियन के अधिकारियों एवं जवानों द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और दिनेश कुमार द्वितीय कमान अधिकारी सह कमांडेंट 212वीं बटालियन दिनेश कुमार ने शौर्य दिवस के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ की द्वितीय वाहिनी की चार कंपनियों ने 9 अप्रैल 1965 को पाकिस्तानी सेना की इन्फेंट्री बिग्रेड द्वारा सरदार और टाक भारतीय सीमा चौकियों पर आक्रमण किए जाने पर वीरतापूर्वक युद्ध किया और पाकिस्तानी इन्फेन्ट्री बिग्रेड के आक्रमण को निष्फल कर दिया था, जिसमे पाकिस्तानी सेना के 34 जवान मारे गये और 04 जवान को जीवित पकड़ लिया गया था। इस कार्रवाई में हमारे 8 जवान शहीद हो गए और 19 जवानों को पाकिस्तानी सेना द्वारा बंधक बना लिया गया था। सीआरपीएफ 2वीं वाहिनी के जवानों को दृढ़ता और पराक्रम ने पाकिस्तानी इन्फेन्ट्री बिग्रेड को 12 घंटे तक निकट नहीं आने दिया। यह सैन्य लड़ाई के इतिहास में यह एक अद्वितीय अध्याय है। अर्धसैनिक बल की एक छोटी सी टुकड़ी के जवानों ने एक पूरे इन्फेन्ट्री बिग्रेड के नियोजित आक्रमण को विफल कर दिया। इस अवसर पर बटालियन मुख्यालय में उपस्थित पुलिस मैडल फॉर गैलेंट्री विजेता आरक्षक मलिक शाहिद व सिपाही जीडी पी. मारी राजू को सम्मानित किया गया और उनकी वीरता के संबंध में उपस्थि सभी को बताया गया। संध्या के समय रंगारंग कार्यक्रम तथा रात में बड़ा खाना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चीफ मेडिकल ऑफिसर एसजी कमांडेंट चिकित्सा डॉ. सुमीत सहगल, उप कमांडेंट अजय प्रताप सिंह तथा अधीनस्थ अधिकारी व अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।

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