रनवे पर जली रोशनी और खुल गया विकास का नया आसमान, अब बढ़ेंगी रात की उड़ानें

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में देर रात जैसे ही रनवे की लाइटें चमकीं, सबकी नजरें आसमान पर टिक गईं… और फिर इतिहास बन गया। बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर पहली बार नाइट लैंडिंग टेस्टिंग सफल रही। इस सफल ट्रायल ने न केवल तकनीकी मानकों की परीक्षा पास की, बल्कि क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी के लिए भी बड़ा रास्ता खोल दिया।
कैसे हुआ ऐतिहासिक ट्रायल?
छत्तीसगढ़ शासन के स्टेट प्लेन से नाइट लैंडिंग का परीक्षण किया गया। इस दौरान रनवे लाइटिंग सिस्टम, एप्रोच लाइट्स, एयर ट्रैफिक कोऑर्डिनेशन समेत सभी तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की गई।
ट्रायल के दौरान मौजूद अधिकारियों और तकनीकी टीम ने व्यवस्थाओं को संतोषजनक पाया। एयरपोर्ट डायरेक्टर और नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के क्षेत्रीय निदेशक (रायपुर) भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।
अब क्या बदलेगा?
- कम विजिबिलिटी और खराब मौसम में भी फ्लाइट ऑपरेशन संभव
- यात्रियों को अधिक फ्लाइट विकल्प
- बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में विस्तार
- रात में भी उड़ानों के संचालन का रास्ता साफ
हाल ही में एयरपोर्ट को VFR से IFR में अपग्रेड किया गया था। इस अपग्रेड के बाद हुआ यह पहला नाइट ट्रायल पूरी तरह सफल रहा, जिससे नियमित नाइट ऑपरेशन की उम्मीद और मजबूत हो गई है।
हाईकोर्ट की भी नजर
इसी बीच एयरपोर्ट में हवाई सेवा से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि नाइट लैंडिंग सहित शुरू किए जा रहे सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी दस्तावेजों के साथ पेश की जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को तय की गई है।
