विजय पाण्डेय की अगुवाई में करही गोलीकांड का खुलासा, ‘ऑपरेशन हंट’ से एक माह बाद तीन आरोपी गिरफ्तार
जांजगीर-चांपा। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में जांजगीर-चांपा पुलिस ने जिले के चर्चित करही गोलीकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक माह तक चली गहन जांच और विशेष अभियान ‘ऑपरेशन हंटÓ के तहत पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में सफलता हासिल की। मामले में मुख्य साजिशकर्ता सहित अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
गौरतलब है कि 23-24 अप्रैल की दरम्यानी रात बिर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम करही में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
=सात राज्यों तक पहुंची जांच=
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। वहीं पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग स्वयं करही पहुंचे और विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
जांच के दौरान पुलिस टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर सहित सात राज्यों में दबिश दी। इस दौरान 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए तथा साइबर और आसूचना टीम लगातार सक्रिय रही।
=”ऑपरेशन हंट” बना सफलता की कुंजी=
प्रशिक्षण से लौटने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय सीधे करही पहुंचे और पीडि़त परिवार से मुलाकात कर मामले की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने “ऑपरेशन हंट” शुरू कर जांच टीमों को विशेष दिशा-निर्देश दिए। इसी अभियान के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर आरोपियों तक पहुंच संभव हो सकी।
उधारी विवाद और प्रतिस्पर्धा बनी हत्या की वजह=
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक आयुष कश्यप और आरोपियों के बीच लंबे समय से आर्थिक लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसके अलावा मृतक की बढ़ती आर्थिक स्थिति, सामाजिक प्रभाव और व्यवसायिक सफलता से आरोपी असंतुष्ट थे। इसी द्वेष और प्रतिस्पर्धा की भावना के चलते हत्या की साजिश रची गई।
=हथियार और बाइक बरामद=
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, मैगजीन, अतिरिक्त खाली मैगजीन तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।
गिरफ्तार आरोपियों में ग्राम करही निवासी हेमंत कुमार बघेल (23 वर्ष), भूषण बघेल (23 वर्ष) और अमित टंडन (28 वर्ष) शामिल हैं।
=पहले कैमरा तोड़ा, फिर घर में घुसकर की फायरिंग=
पुलिस के अनुसार घटना की रात आरोपी पहले से मृतक के घर के आसपास मौजूद थे। सहयोगियों द्वारा सीसीटीवी कैमरा क्षतिग्रस्त करने के बाद आरोपी घर में घुसे। उन्होंने पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया और फिर आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस दौरान छोटे भाई को भी गोली मारकर घायल कर दिया गया और आरोपी मौके से फरार हो गए।
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस मामले के अन्य सहयोगियों और मुख्य साजिशकर्ता की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने इस बहुचर्चित हत्याकांड के खुलासे पर पूरी टीम की सराहना करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। जांजगीर-चांपा पुलिस की इस कार्रवाई को जिले की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
कमान संभालते ही एक्शन में SP विजय पाण्डेय, करही गोलीकांड का हुआ खुलासा






