रायपुर में दोस्ती ने लिया धोखे का रूप: रजिस्ट्री कराने साथ गया युवक ही निकला मास्टरमाइंड, पार्किंग से ₹36.5 लाख गायब होने की झूठी कहानी गढ़ी; CCTV से खुला राज, पुलिस ने कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

Raipur के सिविल लाइंस थाना पुलिस ने एंटी-क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए ₹36.5 लाख की गबन करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि पीड़ित का करीबी दोस्त ही इस अपराध का मास्टरमाइंड था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितिन कुमार सोनी (32) निवासी विधानसभा रोड और उसके साथी तनवीर आलम (28) निवासी रावाभाटा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पूरी ₹36.5 लाख नकदी बरामद कर ली है।


क्या था मामला

प्रार्थी ज्ञानप्रकाश पांडे, निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पीरदा, ने बताया कि उसने गंगाराम यादव से ₹36.5 लाख में जमीन का सौदा तय किया था।

16 फरवरी 2026 को वह अपने दोस्त नितिन सोनी के साथ कलेक्टोरेट परिसर में रजिस्ट्री कराने पहुंचा। उसने कार मल्टी-लेवल पार्किंग में खड़ी कर चाबी सोनी को दी और खुद रजिस्ट्री कार्यालय चला गया।

कुछ देर बाद सोनी ने फोन कर बताया कि कार में रखा सफेद कपड़े का बैग, जिसमें ₹36.5 लाख थे, चोरी हो गया। जब पांडे लौटे तो नकदी गायब मिली और सोनी के जवाबों से उन्हें संदेह हुआ। पुलिस जांच

डीसीपी (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देश पर पुलिस और साइबर टीम ने CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में एक व्यक्ति काले स्कूटर से कार के आसपास संदिग्ध रूप से घूमता दिखाई दिया। कबूलनामा और गिरफ्तारी

कड़ी पूछताछ में सोनी ने अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह कर्ज में डूबा हुआ था और उसने तनवीर आलम के साथ मिलकर साजिश रची। उसने आलम को मदद के बदले ₹2 लाख देने का वादा किया था।घटना के दिन पांडे को रजिस्ट्री कार्यालय भेजकर उसने नकदी आलम को सौंप दी।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया और सिविल लाइंस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) और 3(5) के तहत FIR दर्ज की है।

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