लोरमी। कोटा मार्ग पर गुरुवार देर रात एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोरमी प्रेस क्लब के अध्यक्ष सतीश मिश्रा की कार पर अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर लूट की नीयत से पथराव कर दिया। इस घटना में सतीश मिश्रा, उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य बाल-बाल बच गए। पीड़ित ने जूनापारा पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराकर आरोपियों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने और इस मार्ग पर रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
मवेशियों का फायदा उठाकर किया हमला प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रेस क्लब अध्यक्ष सतीश मिश्रा 30 जुलाई की रात अपने परिवार के साथ बिलासपुर से वेन्यू कार (क्रमांक सीजी 04 एन के 5111) से लोरमी लौट रहे थे। कार उनका पुत्र विशाल मिश्रा चला रहा था। रात करीब 10:30 बजे जब वे ग्राम लोकबंद के पास पहुंचे, तो सड़क पर मवेशियों का झुंड होने के कारण वाहन की रफ्तार धीमी थी।
इसी दौरान सड़क किनारे खड़े कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने कार को रोकने का प्रयास किया। जब चालक ने वाहन नहीं रोका, तो आरोपियों ने ड्राइवर साइड के शीशे पर जोर से पत्थर दे मारा, जिससे शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। इस अचानक हुए हमले से कार में सवार पूरा परिवार सहम गया, लेकिन चालक विशाल मिश्रा ने सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी नहीं रोकी और सीधे लोरमी पहुंचकर परिवार की जान बचाई। घटना के अगले दिन पीड़ित ने जूनापारा चौकी पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं,
संवेदनशील है यह मार्ग स्थानीय लोगों का कहना है कि कोटा-लोरमी मार्ग पहले से ही संवेदनशील माना जाता है। गोबरीपाठ, अमलीकापा, लोकबंद और बांधा जैसे गांवों के बीच का यह इलाका पूर्व में भी लूट और राहगीरों को डराने-धमकाने की वारदातों के कारण चर्चा में रहा है। अंधेरे और सुनसान रास्ते का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व अक्सर राहगीरों को निशाना बनाते हैं, जिससे रात में सफर करने वाले लोगों में हमेशा भय का माहौल रहता है। यह मार्ग व्यापारिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां से बड़ी संख्या में व्यापारी रात के समय आवागमन करते हैं।
सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा बना बड़ा खतरा
इस घटना ने सड़कों पर घूमते मवेशियों की समस्या को फिर से उजागर कर दिया है। बिलासपुर-लोरमी मार्ग पर रात के समय मवेशी बीच सड़क पर बैठे रहते हैं, जिससे वाहनों की गति धीमी करनी पड़ती है। असामाजिक तत्व इसी मजबूरी का फायदा उठाकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। मवेशियों के कारण पूर्व में भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद से क्षेत्र के नागरिकों और व्यापारियों में आक्रोश है। लोगों ने ग्राम बांधा से गोबरीपाठ तक के इस संवेदनशील क्षेत्र में नियमित रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने और सड़क से मवेशियों को हटाने की प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है।
फिलहाल, जूनापारा चौकी प्रभारी संजीव ठाकुर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है और पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है।






