तेहरान। अमेरिका के साथ युद्धविराम समझौते को लेकर ईरान के शीर्ष नेतृत्व और कट्टरपंथियों के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। कट्टरपंथियों ने राष्ट्रपति मसूद पेजेश्किया, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ पर बिना हथियारों के तख्तापलट करने के आरोप लगाए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान में दिवंगत सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान यह नाराजगी खुलकर दिखाई दी। तब कुछ लोगों ने राष्ट्रपति के खिलाफ नारेबाजी की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, जब राष्ट्रपति पेजेश्किया खामेनेई के ताबूत के साथ चल रहे थे, कुछ वर्गों ने समझौता करने वाले का नाश हो जैसे नारे लगाए।
ये भी दावा है कि समझौते में अहम भूमिका निभाने वाले विदेश मंत्री अराघची भी हमलों का शिकार हुए। शोक मनाने वालों ने उन पर पत्थर फेंके और उन्हें देशद्रोही गद्दार बताया।
विरोध होता देख अराघची को अंतिम संस्कार स्थल को मजबूरन छोड़कर जाना पड़ा।
कट्टरपंथी गुटों का आरोप है कि अमेरिका के साथ बातचीत कर समझौता करने वाले नेता ईरान के खिलाफ सॉफ्ट तख्तापलट की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि नए सुप्रीम लीडर को दरकिनार किया जा रहा है।
अंतिम संस्कार में इक्कट्ठा हुए कट्टरपंथियों का मानना है कि खामेनई की मौत का बदला लेने के बजाय शीर्ष नेतृत्व ने सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के आदेशों की अवहेलना करते हुए एक समझौते पर हस्ताक्षर कर अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
ईरान के धार्मिक गायक मोहम्मद अली बख्शी ने राष्ट्रपति पेजेश्किया को कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति महोदय, अगर नेता की शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो हम ही आपके गले पर तलवार चलाएंगे। हम आप पर कहर बरपाएंगे।
इस खुली धमकी की आलोचना हुई, लेकिन गायक को किसी भी तरह की सजा नहीं मिली है।
अंतिम संस्कार के दौरान लोगों ने अमेरिका मुर्दाबाद और ट्रंप को मार डालो जैसे नारे लगाए गए थे।
कट्टरपंथी गुटों का कहना है कि अमेरिका के साथ समझौता नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की इच्छा के खिलाफ किया गया।
कट्टरपंथियों ने सरकार पर संसद को निलंबित करने, सुप्रीम लीडर के निर्देशों की अनदेखी करते हुए अमेरिका से बातचीत करने और समर्थकों की रैलियों को रोकने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है।
वहीं, ईरान वार्ता टीम का हिस्सा रहे सासंद नाबावियन को भी राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग से हटा दिया गया है।
खामेनेई के अंतिम संस्कार में राष्ट्रपति के खिलाफ नारेबाजी, विदेश मंत्री पर फेंके गए पत्थर






