नई दिल्ली। कुछ मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार मंदिरों के स्वर्ण भंडार के बदले में मंदिरों को स्वर्ण बांड जारी करने की योजना बना रही है या मंदिरों के स्वर्ण भंडार के मुद्रीकरण के लिए एक प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है।
यह स्पष्ट किया जाता है देश भर में मंदिर ट्रस्टों या किसी भी धार्मिक संस्था के पास मौजूद सोने के मुद्रीकरण की योजना शुरू करने की सरकार की योजनाओं से संबंधित अटकलें और अफवाहें पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और निराधार हैं।
यह भी स्पष्ट किया जाता है कि मंदिर के टावरों, दरवाजों या अन्य मंदिर संरचनाओं पर लगी सोने की प्लेटों को “भारत का रणनीतिक स्वर्ण भंडार” माना जाने का दावा भी पूरी तरह से झूठा, भ्रामक और निराधार है।
मंदिर के स्वर्ण भंडारों के मुद्रीकरण को लेकर किए गए झूठे दावों पर स्पष्टीकरण






