राज्य सरकारें सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के निर्देशों का नहीं कर रही पालन
नई दिल्ली। हैदराबाद में आयोजित हाल ही में न्यायिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुर्यकांत ने राज्य सरकारों द्वारा हाईकोर्ट में लंबित प्रकरणों पर उनके विरुद्ध दिये जा रहे फैसले का पालन करने में टाल मटोल करने पर चिंता व्यक्त की है। सीजेआई सूर्यकांत ने विधिक सम्मेलन में अनेक राज्यों से आए अधिवक्ताओं एवं विधिक विशेषज्ञों के बीच कहा कि अवमानना के मामले क्यों बढ़ रहे हैं। इस पर केंद्र एवं राज्य सरकार को चिंतन करना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश के अनुसार राज्य सरकारों के समर्थन में फैसले नहीं आते तो वह हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई अवमानना याचिकाओं पर अप्रत्यक्ष में नाराजगी व्यक्त करते है। बिहार उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मप्र एवं छग में उच्च न्यायालयों में अनेक संगठनों द्वारा उनकी याचिका पर फै सला सरकार के विरुद्ध आता है तो राज्य सरकारें इसे लागू नहीं करती जबकि संवैधानिक रूप से चुनी हुई सरकारों का यह दायित्व है कि वह प्रजातंत्र के तीसरे खंभे न्यायापालिका जो सजग प्रहरी भी है के न्यायाधीशों द्वारा दिये गये मामलों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करें। सीजेआई सुप्रीम कोर्ट का यह भी कहना था कि वैसे भी उच्च न्यायालयों एवं सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग मामले करोड़ों की संख्या में है। अवमानना याचिकाओं के पुन: अदालतों में दाखिल होने पर न्यायिक निर्णय त्वरित रूप से दिये जाने की स्थिति में काफी प्रभाव पड़ता है। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय विधिमंत्री सहित राष्ट्रपति से न्यायपालिका द्वारा दिये गये निर्णयों पर यथा योग्य चिंतन किये जाने की आवश्यकता बताई है।
अवमानना के बढ़ते प्रकरणों पर SC गंभीर- CJI






