इंडोनेशिया ने PM मोदी के लिए आसमान सजाया, फाइटर जेट ने किया एस्कॉर्ट, राष्ट्रपति ने तोड़ा प्रोटोकॉल; वीडियो वायरल

जकार्ता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी अभी जकार्ता पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद उनका यह तीसरा इंडोनेशिया दौरा है। जब प्रधानमंत्री मोदी का विमान इंडोनेशिया के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, तो इंडोनेशिया वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उनके विमान के साथ उड़ान भरी। लड़ाकू विमानों के एक बेड़े ने पीएम मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया। यह भारत के लोगों के लिए एक सम्मान की बात है।
इसके बाद इंडोनेशिया में एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने भी प्रोटोकॉल तोड़ गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक में करीब 2,500 करोड़ रुपये की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है।
पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, जकार्ता पहुंच गया हूं। राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के स्नेहपूर्ण व्यवहार से मैं बहुत प्रभावित हुआ। उन्होंने एयरपोर्ट पर पर व्यक्तिगत रूप से मेरा स्वागत किया। 2018 में, हमने दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया, जिससे हमारे लोगों को बहुत लाभ हुआ है। इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और मैं विभिन्न क्षेत्रों में इस साझेदारी को और गति देने के उद्देश्य से चर्चा करेंगे।
आगे उन्होंने लिखा है, राष्ट्रपति प्राबोवो और मैं योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे। यह यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और भी मजबूत करेगी। इंडोनेशिया में रहने के दौरान, मैं भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करने के अवसर का भी बेसब्री से इंतजार कर रहा हू।
पीएम मोदी इंडोनेशिया में 6 से लेकर 8 जुलाई तक रहेंगे। इस दौरान वह इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे। 9वीं शताब्दी में बना यह मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। इसके अलावा वह भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी के इंडोनेशिया यात्रा के कई उद्देश्य हैं। पीएम मोदी की इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।
वहीं, आपको बता दें कि इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन वहां की सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। इंडोनेशिया में रामलीला का मंचन होता है और इस देश की मुद्रा पर भगवान गणेश की तस्वीर भी छप चुकी है।

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