रायपुर। ग्रामीण के तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र में 3 साल पुरानी सनसनीखेज हत्या के फरार आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए, ग्राम जलसो के कुख्यात आरोपियों ने वर्ष 2023 में कुंदरू निवासी जितेंद्र पाल को चाकू और लाठी से बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था और वारदात के दौरान उसके पुत्र पर भी प्राणघातक हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था, इस खौफनाक हमले के बाद मुख्य आरोपी आशु उईके समेत कुछ आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था लेकिन गिरोह के अन्य सदस्य तीन वर्षों से फरार चल रहे थे और पुलिस की नजर से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान छिपाकर राज्य बदल-बदलकर ठिकाना बदलते रहे, तिल्दा नेवरा पुलिस इनकी तलाश में लगातार तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर नेटवर्क के जरिए नजर बनाए हुए थी, 7 अप्रैल 2026 को पुलिस को सटीक इनपुट मिला कि फरार आरोपी अपने गांव लौटने वाले हैं, सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने गांव जलसो में रणनीतिक घेराबंदी की और मौके पर दबिश देकर तीनों आरोपियों को धर दबोचा, गिरफ्तार आरोपियों में फेन्टा उर्फ फिरन्ता पारधी पिता दिलीप पारधी उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम जलसो थाना तिल्दा नेवरा जिला रायपुर, मनोज उईके पिता बुल्ठू उईके उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम जलसो थाना तिल्दा नेवरा जिला रायपुर और ईशु उईके पिता मुन्ना उईके उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम जलसो थाना तिल्दा नेवरा जिला रायपुर शामिल हैं, तीनों आरोपी लंबे समय से फरार थे और अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे थे, गिरफ्तारी के बाद विधिवत वैधानिक कार्रवाई करते हुए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया, इस पूरे मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307, 458, 147, 148, 149, 294, 506बी, 427, 384 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत कार्रवाई की गई है, तिल्दा पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से छिपे रहें, कानून की पकड़ से बचना नामुमकिन है।
3 साल से फरार ‘खूनी गैंग’ पर पुलिस का शिकंजा -पहचान बदलकर बचते रहे आरोपी, गांव लौटते ही पुलिस ने दबोचा






