भोपाल। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ बेसहारा एवं जरूरतमंद लोगों के पुनर्वास के उद्देश्य से जीआरपी भोपाल द्वारा संचालित “ऑपरेशन हमदर्द” के तहत अभियान लगातार जारी है। अभियान के 25वें दिन रेलवे स्टेशन, मुसाफिरखाना, प्लेटफॉर्म एवं रेलवे क्षेत्र में 11 बेसहारा लोगों का डिजिटल डोजियर तैयार किया गया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल भोपाल राजाबाबू सिंह के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक रेलवे भोपाल अंकित जायसवाल के मार्गदर्शन में 1 जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत रेलवे स्टेशन एवं आसपास लंबे समय से रह रहे निराश्रित, परित्यक्ता महिलाओं, बच्चों एवं अन्य बेसहारा लोगों की पहचान कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
अभियान के दौरान 9 पुरुष, 1 महिला एवं 1 बालिका सहित कुल 11 लोगों से पूछताछ कर उनका डिजिटल डोजियर तैयार किया गया। जिन लोगों के परिजन उपलब्ध थे, उन्हें परिवार से संपर्क कराने की कार्रवाई की गई, जबकि जिनका कोई आश्रय नहीं था, उन्हें स्वर्ग सेवा सदन के संचालकों से समन्वय स्थापित कर पुनर्वास की प्रक्रिया से जोड़ा गया।
जीआरपी द्वारा अभियान के दौरान नाबालिग बच्चों के मामलों में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई, महिलाओं के पुनर्वास के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से समन्वय तथा दिव्यांगजनों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने की पहल भी की जा रही है। साथ ही भीख मांगने वालों से पूछताछ कर किसी गिरोह की संलिप्तता मिलने पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जीआरपी के अनुसार अभियान के अंतर्गत 25 जुलाई तक कुल 622 बेसहारा एवं निराश्रित लोगों के डिजिटल डोजियर तैयार किए जा चुके हैं, जो रेलवे क्षेत्र में मानवीय संवेदनाओं के साथ सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल मानी जा रही है।






