नशामुक्ति केंद्र में संदिग्ध मौत को लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हंगामा

कोरबा। जिले में नशा मुक्ति केंद्र से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां भर्ती एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जमकर हंगामा किया, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जानकारी के अनुसार, सक्ति जिले के केसला निवासी 40 वर्षीय सुरेंद्र राठौर नशे की लत से जूझ रहे थे। परिजनों ने उनकी हालत को देखते हुए 26 मार्च को कोरबा के पौड़ीबहार स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। बताया जा रहा है कि इलाज के दौरान मंगलवार रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद केंद्र संचालक द्वारा उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और मेडिकल कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा करने लगे। परिजनों का आरोप है कि नशा मुक्ति केंद्र में उनके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उनकी मौत हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
नशा मुक्ति केंद्र के केयरटेकर राजू राजपूत ने बताया कि यह केंद्र जीवन आशा फाउंडेशन के नाम से संचालित है। यह समाज कल्याण विभाग के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। राजपूत के अनुसार, सुरेंद्र स्वस्थ था, लेकिन नशा छोडऩे पर अचानक झटका आने से उसकी मौत हुई होगी। उसने यह भी स्वीकार किया कि केंद्र संचालित करने के लिए उसके पास अधूरे दस्तावेज हैं।
राजपूत ने बताया कि जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर अंकित गुप्ता इलाज करते हैं। केंद्र में एक माह का बारह हजार रुपये शुल्क रखा गया है। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि पोड़ी बहार खरमोरा स्थित केंद्र में युवक की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने मौत को लेकर संदेह व्यक्त किया है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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