भोपाल। पंचायतों में बाल संरक्षण एवं बाल सहभागिता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से क्षेत्रीय ग्रामीण एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार को एक दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (ToT) आयोजित किया गया। कार्यक्रम “बाल संरक्षण एवं बाल सहभागिता में ग्राम पंचायतों की भूमिका” विषय पर तैयार प्रशिक्षण मॉड्यूल आधारित रहा, जिसे पंचायती राज विभाग, महात्मा गांधी पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान तथा यूनिसेफ के सहयोग से विकसित किया गया है।
कार्यक्रम में महात्मा गांधी पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान, संजय गांधी पंचायत प्रशिक्षण संस्थान, प्रदेश के सभी क्षेत्रीय ग्रामीण एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्रों (ETC) एवं पंचायत प्रशिक्षण केंद्रों (PTC) के कुल 60 प्रशिक्षकों ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण के दौरान महात्मा गांधी पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान के संचालक अरविन्द यादव, यूनिसेफ मध्य प्रदेश के चीफ फील्ड ऑफिसर विलियम हैनलोन, पंचायत राज विभाग के संयुक्त संचालक महेन्द्र जैन, यूनिसेफ की सामाजिक नीति विशेषज्ञ पूजा सिंह तथा चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर गोविंद बेनीवाल द्वारा प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन किया गया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए अरविन्द यादव ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बाल हितैषी पंचायतों से जुड़े संकेतकों, सामाजिक सुरक्षा तथा बाल संरक्षण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
तकनीकी सत्रों में यूनिसेफ की सामाजिक नीति विशेषज्ञ पूजा सिंह, बाल संरक्षण अधिकारी गोविंद बेनीवाल, सलाहकार अमरजीत तथा पंचायत राज विभाग के सलाहकार नीलेश दुबे ने सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम के दौरान आगामी चरण में प्रदेशभर के प्रशिक्षण संस्थानों में “बाल हितैषी ग्राम पंचायत” विषय पर प्रशिक्षण आयोजित करने की रूपरेखा भी तैयार की गई। अंत में नीलेश दुबे ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।






