महापौर ने राजधानी को आधुनिक, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने किया वादा

वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया सामान्य सभा में
सीएसईबी चौक से पचपेड़ी नाका तक 15 करोड़ रुपये से बनेगा गौरव पथ
महिलाओं के लिए वर्किंग हॉस्टल बनाया जाएगा
आमापारा से हिन्द स्पोर्टिंग और टाटीबंध तक सड़कों को किया जाएगा चौड़ीकरण
बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोडऩे के लिए 7 अलग-अलग जोन में बॉक्स क्रिकेट तैयार किया जाएगा
रायपुर।
नगर निगम की निर्वाचित सभा की महापौर मीनल चौबे ने आज राजधानी को आधुनिक-सुरक्षित एवं यातायात के लिए सड़कों का चौड़ीकरण, भीषण गर्मी में पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में महत्वपूर्ण प्रावधानों की घोषणा की। निगम का वर्ष 2026-27 का बजट 1924 करोड़ 9 लाख 12 हजार का है जिसमें समाज के सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाई गई है। बजट प्रस्तुत करने के पहले विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। शहर में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर रोष जताया।
नगर निगम मुख्यालय गांधी भवन में अधिकारियों और निर्वाचित पार्षदों की उपस्थिति में महापौर ने आज सामान्य सभा की बैठक में अपने बजट भाषण में कहा कि सेंट्रल लाइब्रेरी और रीडिंग जोन में युवाओं को हाईटेक अध्ययन सुविधाएं देने के लिए दलदल सिवनी में 500 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी का कार्य 25 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुका है । इसके साथ ही, साइंस कॉलेज के पास 22.79 करोड़ रुपये की लागत से 1000 सीटर लाइब्रेरी का निर्माण भी प्रगति पर है। युवाओं के लिए ‘यूथ हॉस्टल की सुविधा विकसित की जा रही है । साथ ही, बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोडऩे के लिए 7 अलग-अलग जोन में बॉक्स क्रिकेट तैयार किया गया है। महापौर ने कहा कि शिक्षकों को रोजगार देने के लिए निगम की महत्वांकाक्षी योजना बनाई गई है, जिसके अंतर्गत जॉब हेल्प डेस्क बनाया गया है। जिला प्रशासन और कॉलेजों के समन्वय से ‘जॉब हेल्प डेस्क और कौशल प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
सीएसईबी चौक से पचपेड़ी नाका तक 15 करोड़ रुपये से बनेगा गौरव पथ
महापौर ने अपने बजट भाषण में कहा कि राजधानी में बढ़ते यातयात को देखते हुए सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। गौरव पथ के चौड़ीकरण और सीएसईबी चौक से पचपेड़ी नाका तक सड़क निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। टाटीबंध से आर.डी. तिवारी स्कूल तक सड़क चौड़ीकरण हेतु 18 करोड़ रुपये और आमापारा चौक से हिंदी स्पोट्र्स मैदान तक के लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसी प्रकार पंडरी कपड़ा बाजार से मुख्य मार्ग तक सीधी सड़क निर्माण हेतु 4 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। टेक्नो टॉवर: तेलीबांधा चौक के पास ‘टेक्नो टॉवर के निर्माण के लिए कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं। नगर निगम मुख्यालय और पंडरी में स्वचालित (स्मार्ट) पार्किंग का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
भीषण गर्मी में पेयजल से निजात दिलाने जल बोर्ड का गठन
महापौर ने बजट भाषा में कहा कि आगमी कर्मी के दिनों में राजधानी में पेयजल संकट गहरा जाता है तथा नल की धान पतली हो जाती है, जिसे देखते हुए जलबोर्ड का गठन किया गया है। नई पाईपालईन बिछाना, बोर करना तथा टैंकर से पानी उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता होगी। पेयजल समस्याओं के समाधान और पाइपलाइनों के डिजिटलीकरण के लिए 16 जनवरी 2026 को ‘जल बोर्डÓ का गठन किया गया है। वर्तमान में 70 प्रतिशत नेटवर्क का डेटा डिजिटल हो चुका है। तालाबों का संरक्षण: छुईया, करबला और जोरा तालाबों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए योजनाएं बनाई गई हैं। अमृत मिशन के तहत निर्मित टंकियों को पाइपलाइन से जोडऩे का कार्य भी शुरू किया गया है।
राजधानी में गत दिनों रामकृष्ण केयर में तीन सफाई कर्मियों के मौत के पश्चात नगर निगम ने विभिन्न उपाय गिए हैं। आधुनिक स्वच्छता के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके तहत रोबोटिक सक्शन मशीन शहर की सफाई के लिए 1.50 करोड़ रुपये की लागत से ‘रोबोटिक सक्शन मशीन और खारून नदी व नालों की सफाई के लिए ‘ड्रेन मास्टर खरीदने का प्रस्ताव है।
पंडरी और नरैया तालाब के पास बनेगा वर्किंग वुमेन हॉस्टल
महापौर ने कहा कि शहर में कामकाजी महिलाओं की आवास की समस्या को देखते हुए वर्किंग वुमेन हॉस्टल बनाना जरूरी है, इसके लिए नगर निगम ने पंडरी और नरैया तालाब के पास कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल का निर्माण शुरू किया गया है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी महिलाओं की सुरक्षा हेतु मठपुरैना और भाठागांव जैसे क्षेत्रों में 1.40 करोड़ रुपये की लागत से 268 कैमरे लगाए गए हैं। आर्थिक स्वावलंबन: स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 1530 समूहों को 26.30 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है ? मोवा स्थित लेडीज गारमेंट फैक्ट्री शेड का संचालन भी अब महिला समूहों द्वारा किया जाएगा।
10 करोड़ की लागत से बनेगा एक दिव्यांग पार्क
महापौर ने कहा कि दिव्यांगों के लिए 10 करोड़ की लागत से एक पार्क बनाया जाएगा। दिव्यांग पार्क सिपा योजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से शहर में दिव्यांग पार्क विकसित करने की स्वीकृति मिली है। डिजिटल गवर्नेंस ‘मोर रायपुर ऐप के माध्यम से नागरिक संपत्ति कर, जल कर और अन्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। महापौर ने बजट भाषण में कहा कि एक अप्रैल 2025 से नई विज्ञापन नीति लागू की गई है, जिससे विज्ञापन अनुमति प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और राजस्व में वृद्धि होगी। स्ट्रीट वेंडर्स के लिए व्यवस्थित ‘वेंडिंग जोन विकसित किए जा रहे हैं ताकि यातायात में बाधा न हो और उन्हें उचित स्थान मिल सके। यह बजट रायपुर को एक आधुनिक, स्वच्छ और सुरक्षित राजधानी बनाने की दिशा में ट्रिपल इंजन सरकार के साझा प्रयासों को दर्शाता है।

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