जैविक खेती, पॉलीहाउस और विदेशी फलों की खेती को बताया कृषि का भविष्य
भोपाल । कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर प्रगतिशील किसानों के खेतों और कृषि परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जैविक खेती, आधुनिक उद्यानिकी, पॉलीहाउस तकनीक, विदेशी फलों के उत्पादन और गौ-सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश भी दिए।
ग्राम परवलिया सड़क में कलेक्टर ने प्रगतिशील किसान मनोहर पाटीदार के खेत का भ्रमण किया, जहां 10 एकड़ क्षेत्र में वैज्ञानिक पद्धति से जैविक खेती की जा रही है। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, गोबर गैस संयंत्र तथा आम और चीकू के बागानों का अवलोकन किया। कलेक्टर ने कहा कि पिछले 26 वर्षों से जैविक खेती कर रहे मनोहर पाटीदार अन्य किसानों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने यहां “ऑर्गेनिक कैफे” विकसित करने का सुझाव भी दिया, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर मिल सके।
इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम पंचायत बरखेड़ा बोदर स्थित स्वर्गीय मिथलेश देवी गौसेवा संस्थान गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने गौशाला में गोवंश के रख-रखाव एवं उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेते हुए पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत व्यवस्थाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
बरखेड़ा बोदर में ही कलेक्टर ने किसान राम सिंह कुशवाहा एवं अन्य कृषकों से संवाद किया। यहां छह एकड़ क्षेत्र में क्लस्टर आधारित पॉलीहाउस तकनीक से जरबेरा कट फ्लावर की खेती की जा रही है। कलेक्टर ने किसानों को संगठित होकर “भोपाल हॉर्टिकल्चर सोसायटी” के गठन का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि “फार्म टू होम” मॉडल के माध्यम से किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़कर बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है।
दौरे के अंतिम चरण में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने ग्राम मुबारकपुर में युवा कृषक हर्षित गोधा के एवोकाडो और ड्रैगन फ्रूट के फलोद्यान एवं हाईटेक नर्सरी का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक ग्राफ्टिंग तकनीक और विपणन व्यवस्था की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ नवाचार आधारित और अधिक आय देने वाली फसलों को अपनाने से जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि आधुनिक तकनीक, जैविक खेती, मूल्य संवर्धन और सीधे विपणन की व्यवस्था किसानों की आय बढ़ाने के साथ कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।






